दोस्तों दुनिया का हर देश यही चाहता है की वो ताकतवर हो और आने वाले समय में कोई उन पर कब्जा न जमा सके और इसीलिए हर देश दूसरे देशों को दोस्ती का हाथ बढ़ाता है और उसी जगह कई देश दुश्मनी का भी इरादा रखते है…पर आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे ऐसे देशों के बारे में जो भारत को काफी सपोर्ट करते है और अच्छा संबंध रखते है।

8-Japan

भारत के सबसे करीबी देशों में जापान उस दोस्त की तरह आता है जिसपर आप आंख बंद करके भरोसा कर सकते हैं, भारत और जापान के संबंध हमेशा से काफी मजबूत और स्थिर रहे है,।जापान  की संस्कृति और भारत में जन्मे बौद्ध धर्म का स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है, जिसकी वजह से जापान हमेशा से भारत की सभ्यता और संस्कृति से जुड़ाव महसूस करता है और अगर बात तो युद्ध में मदद की करें तो आज भी जापान भारत और चीन के खिलाफ़ युद्ध में दक्षिणी चीन सागर में फैले हुए चीनी वर्चस्व के खिलाफ़ भारत का साथ देता रहता है और ये बात सिर्फ आज के समय की नहीं हैं, आजादी की लड़ाई में जब सुभाष चंद्र बोस देश से बाहर जाकर अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़ने के लिए अपनी नई फौज बनाना चाहते थे तो वो जापान ही था जिसने आजाद हिंद फौज के लिए बोस की मदद की थी और अपनी शाही सेना से भी जरूरी मदद करवाई थी इसके बाद भी जापान भारत के बहुत से कामो में उसके साथ रहा शायद इसीलिए भी क्योंकि भारत ने भी जापान की हर संभव मदद की है, इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि 2011 में जब जापान में सुनामी आयी थी तो भारत की NDRF टीम अपने पहले विदेशी मिशन पर गई थीं जहाँ उनका काम था सुनामी में लापता हुए लोगों की तलाश करना और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाना इसीलिए जापान भी ये समझता है कि भारत भी हर परिस्थिति में उसके साथ है इसलिए किसी भी मुसीबत की घड़ी में जापान भारत की हर संभव मदद करेगा ही।

7-Russia

दोस्तों रशिया  भारत के उन करीबी मित्रों में आता है जिसने भारत का विश्वास उसकी मदद करके जीता है भारत जब भी मुश्किल में रहा तो रूस ने भारत की बहुत मदद की जैसे कि जब कुछ देश भारत के खिलाफ़ अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करके कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनवाना चाहते थे तब अगर रूस भारत के पक्ष में न आया होगा तो भारत के पास आज कश्मीर नहीं होता। रूस ने अपना वीटो पावर का इस्तेमाल करके कश्मीर को भारत से अलग होने से बचा लिया था, इसके अलावा जब पाकिस्तान ने 1971 में भारत पर हमला बोला था तब रूस में उस दौरान भारत  को बहुत से हथियार और टैंक मुहैया करवाकर भारत को उस युद्ध में भी इस लायक बनाया था कि भारत बड़ी आसानी से पाकिस्तान को मात दे दें। इसके अलावा 1965 के बाद भारत पाक युद्ध में रूस ने मध्यस्थता करके दोनों देशों के बीच ताशकंद समझौता करवाया जिसके बाद ये युद्ध खत्म हुआ था, बदले में भारत ने भी रूस की नीतियों का समर्थन किया। 1979 में जब रूस ने अफगानिस्तान पर हमला किया तब भी भारत एक मित्र होने के नाते रूस के समर्थन में खड़ा नजर आया इस वजह से अगर भारत कभी भी किसी मुसीबत में होगा तो रूस कभी भी मदद करने से पीछे नहीं हटेगा।

6-Israel

 दोस्तों इजराइल को अगर भारत का इस समय सबसे अच्छा मित्र कहे न तो कोई गलत नहीं होगा क्योंकि इसराइल और भारत के संबंध पहले ऐसे नहीं थे, भारत और इजरायल की आजादी लगभग एक साथ ही हुई थी लेकिन शुरुआत में भारत ने यूएन में इजराइल को एक अलग राष्ट्र बनाने के खिलाफ वोट दिया था जिस वजह से इजराइल और भारत के संबंध खराब हुए थे लेकिन 1950 में जब भारत ने इजराइल को वापस से एक अलग राष्ट्र होने की मान्यता दी तब से ये दोनों देश आपस में ऐसे मित्र देश बन गए जिनकी दोस्ती साल दर साल बढ़ती चली गयी। भारत चीन युद्ध के दौरान जब स्थितियां भारत के खिलाफ़ हो गयी थी तो नेहरू ने कुछ देशों से मदद मांगने के लिए पत्र लिखा था इन्ही देशो में इसराइल भी शामिल था जिसे नेहरू ने पत्र लिखा और सैन्य मदद मांगी, इसराइल ने भी इस बुरे  वक्त में भारत की मदद की और हर संभव  मदद पहुंचाई जिसे दुनिया से गुप्त में रखा गया था और आज भी भारत इजरायल की दोस्ती उतनी मजबूत है जितनी तब थी।

5-Bhutan

दोस्तों भूटान और  भारत के बीच बेहद सास रिश्ता है ये रिश्ता भूगोल  इतिहास और संस्कृति के रिश्तों से बना है और सबसे अच्छी बात तो ये है कि सदियों पुरानी ये दोस्ती आज भी वैसी की वैसी है। भारत की हर मुश्किल परिस्थितियों में भूटान हमारे साथ खड़ा रहा है वहीं भारत ने भी भूटान  को भी पराया नहीं समझा। भारत और भूटान के बीच की इस दोस्ती के महत्त्व को आप इसी से समझ सकते हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने थिंपू में एक सम्मेलन में कहा था अगर कोई देश भूटान पर हमला करता है तो उसे भारत पर हमला माना जाएगा और भारत उसका मुंहतोड़ जवाब भी देगा, इतना ही नहीं भारत में ये रिवाज़ रहा है कि भारत के लगभग सभी प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल में कम से कम एक बार भूटान  का दौरा जरूर करते हैं,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो 2014 में अपनी पहली विदेश यात्रा भूटान  में ही की थी, इसके अलावा 2019 में एक दूसरे कार्यकाल में भी भूटान का दौरा कर चूके हैं, 2017 में भारत में भी एक बार फिर अपनी अटूट दोस्ती का परिचय देते हुए डोकलाम विवाद में भूटान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर और चीन के खिलाफ जाकर दिखा दिया कि भारत और भूटान हर कदम पर एक दूसरे के साथ खड़े हैं जिसके कारण चीन को डोकलाम से पीछे हटना पड़ा था।

4-USA

 दोस्तों के समय मे ये कंट्री सबसे ज्यादा पावरफुल, सबसे ज्यादा एजुकेटेड और सबसे ज्यादा डेवलप कंट्री है और हमारे लिए दोस्तों ये बड़ी कमाल की बात है कि इसके साथ भी हमारी मित्रता पिछले पांच छह सालों में काफी ज्यादा हाई लेवल पर गई है। जब भी प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर जाती हैं तो उन्हें  वहाँ पर बहुत ही ज्यादा प्यार मोहब्बत से स्वागत  किया जाता है, साथ ही अगर कभी वहां के भी प्रेजिडेंट   इंडिया में आते हैं तो उन्हें बहुत ही ज्यादा प्यार मिलता है जिससे ये बात हमारी समझ में आती है कि  दोनों ही देशों के लोग एक दूसरे को काफी ज्यादा पसंद भी करते हैं और अगर वहां के अमीर लोगों की बात करे तो बिल गेट्स ने भी एक बार कहा था कि इंडिया से उन्हें बेहद ज्यादा प्यार है साथ ही अमेरिका की इकॉनमी  के लिए इंडियंस कितनी ज्यादा जरूरी है आप इसी बात से समझ सकते हो कि माइक्रोसॉफ्ट में 38परसेंट  भारतीय जॉब करते है, और मास्टरकार्ड ने तकरीबन 32% इंडियंस काम करते हैं, तो दोस्तों जो बड़ी बड़ी कंपनीज अमेरिका की है वो  इंडिया के लोग ही तक चला रहे है। आपको बता दे कि भारत और अमेरिका ने मिलके ये प्लान बनाया है कि 2030 तक दुनिया से terrorism को खत्म करना है।

3-Nepal

दोस्तों भारत और नेपाल का रिश्ता दोस्ती से भी बढ़कर दो सगे भाइयों जैसा है। हजारों सालों से नेपाल और भारत के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक रिश्ते को पूरी शिद्दत से निभाया जा रहा है। नेपाल माता सीता और भगवान बुद्ध की जन्मभूमि भी है जिसका कारण हम भारतवासियों के लिए ये किसी तीर्थ से कम नहीं है। भारत के लिए नेपाल भी काफी जरूरी है क्योंकि जीस तरह से गोरखा  रेजिमेंट में नेपाल के गोरखा लोग भारतीय सेना का हिस्सा होते हैं और फिर वो बाद में भारत के लिए सीमाओं पर दुश्मनों के खिलाफ़ लड़ते हुए अपनी जान तक दे देते है उसे देखकर ये नहीं कहा जा सकता कि नेपाल भारत से किसी भी तरह अलग है। कारगिल युद्ध में गोरखा जीवन की वीरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

2-France

दोस्तों यूरोप में बसा ये देश वैसे तो अपने eiffel टावर के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है जिसके चलते यहाँ टूरिज्म भी बहुत ही ज्यादा भरपूर मात्रा में आता है। फ्रांस हमेशा से ही हमारे इंडिया का बहुत ही अच्छा खासा मित्र और इसने हर बार इंडिया का अच्छे तरीके से साथ दिया है और 2014 से दोस्तों जब से प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी इंडिया के लिए कांच काल करना शुरू किया तब से तो इसके साथ और भी ज्यादा संबंध गहरे हो चूके हैं। इसके अलावा फ्रांस के लोग भी दोस्तों इंडियंस को काफी झड़प पसंद करते है और फ्रांस का ये भी कहना है कि इंडिया घूमने के लिए भी बड़े ही कमाल की कंट्री और खास बात तो ये है की बड़ी सस्ती पड़ती है।

1-Canada

 दोस्तों इस लिस्ट में canada का नाम इसलिए है क्योंकि पंजाबी लोग कैनेडा में बहुत ज्यादा काम करते हैं जिसके चलते पंजाबियों का नाम वहाँ पर बहुत ही ज्यादा रिस्पेक्ट के साथ लिया जाता है, सीधा सीधा कहे तो दोस्तों इस लिस्ट ने पंजाबियों के चलते ही कनाडा आ पाया है क्योंकि कैनेडियन लोग भी पंजाबियों को 1काफी ज्यादा लाइक करते हैं इसके अलावा जो इंडिया की बाकी स्टेट से भी लोग वहाँ पर गए हुए हैं उन्हें भी केनेडियन लोग काफी ज्यादा पसंद करते हैं और दोस्तों इसी वजह से इंडिया और कनाडा के संबंध आने वाले समय में और भी ज्यादा बेहतर हो सकते है हालांकि आज के दिन दोनों देशों के संबंध बहुत ज्यादा परफेक्ट बिल्कुल भी नहीं है लेकिन दोस्तों यहाँ पर बसे लोगों के संबंध बहुत ही ज्यादा बेहतर और अच्छे है।

तो दोस्तों ये थे भारत के आठ सबसे भरोसेमंद मित्र देश जो किसी भी परिस्थिति में भारत का साथ देने के लिए तैयार होंगे फिर चाहे वो कोई आपदा हो या युद्ध, भारत इन देशों से मदद लेकर किसी भी खतरना परिस्थितियों से आसानी से निपट सकता है।

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